हनुमानजी को चोला चढ़ाने की विधि

हनुमानजी को अक्सर सिंदूरी चोले की प्रतिमा में अधिक देखा जाता है क्योंकि सिंदूर ओर हनुमानजी का रिश्ता रामायण काल से चला आ रहा है

आज के समय मे जो भी हनुमानजी को सिंदूरी चोला अर्पित करता है उन्हें प्रभु की बिशेष कृपा प्राप्त होती है
लेकिन कभी कभी अज्ञानतावश साधक गलत तरीके से हनुमानजी को चोला अर्पित करते हैं जिससे कृपा की जगह दंड मिलता है क्योंकि हनुमानजी कलयुग के देवता हैं और नियमों के पक्के भी

आज मै आपको चोला चढ़ाने की वैदिक विधि बताने जा रहा हूँ

सामग्री :- सिंदूर, चांदी वर्क, चमेली तेल , इतर, जनेऊ

हनुमानजी को चोला मंगलवार व शनिवार को चढ़ाया जाता है साथ मे विशेष त्योहारों पर भी या ग्रहण काल के बाद भी नया चोला चढ़ाया जाता है

चोला चढ़ाने का समय दोपहर का होता है
साधक नहा धोकर साफ वस्त्र पहने सबसे पहले महाराज को प्रणाम कर एक दीपक जलाएं और चोला बदलने की अनुमति लेकर चढे हुए चोले को सिर से पैर की तरफ हाथ से उतरता चले आसानी से हट जाता है
अब हाथ साफ करके अपने हाथों पर चमेली के तेल की कुछ बूंदें लागये ओर पूरी प्रतिमा की मालिश करे तत्पश्चात एक कटोरी में सिंदूर लेकर उसमे चमेली के तेल व गुलाब का इतर मिलाकर उंगली से जब तक मिलाते रहे तब तक उसमे से सिंदूर की अंतिम गांठ तक घुल जाए

अब मिश्रण को प्रभु के पैर से सिर की ओर चढ़ाते जाए जब पूरी प्रतिमा पर सिंदूर लग जाए उसके बाद चांदी वर्क से प्रतिमा को सुसज्जित करें ,जनेऊ पहनाएं ,यदि वस्त्र या लंगोट है तो धारण करवाएं

आंखों को रुई से साफ कर दें , माथे पर तिलक लगाएं चंदन का

हाथ धुलकर पूजन करें ,भोग अर्पित करें मुख्यतः गुड़ चना, बूंदी लड्डू, केले ,मीठा पान, या मौसमी फल जो हों उपलब्धता हो वह अर्पित करें याद रखें भोग के साथ ढाई पत्ते तुलसी ले अवश्य हो

हो सके तो 11 पीपल के पतों पर राम नाम लिखकर माला बनाकर चढ़ाए

अब धूप – दीप से आरती करें चालीसा का यथासंभव पाठ करें
प्रसाद वितरित कर दें
ये हुए प्रभु के चोले की पूरी विधी

नियम :

  1. पूरी तरह साफ व सात्विक रहना होगा उस दिन ।
  2. ब्रह्मचर्य का पालन करना होगा ।
  3. चोला हमेशा पैर से सिर की ओर ही चढ़ाएं इससे देव सौम्य रूप से चलते हैं ।
  4. चोला चढ़ाते समय पर्दा डाल लें ।
  5. चोले के समय स्त्री उपस्थित न हो ।
  6. अपने नाक मूँह बांध लें ताकि आपकी स्वास विग्रह पर न पड़ें।
  7. चोला चढ़ाते समय ॐ राम रामाय नमः का निरंतर जाप करते रहे ।

भैरव वीरेन्द्र रुद्रनाथ अघोरी
संस्थापक :- पुष्पा देवी ज्योतिष व तंत्र मंत्र शक्ति साधना फाउंडेशन®
यूट्यूब :- वैदिक तंत्र साधना संस्थान®
संपर्क :- 8923400693

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